Shimla,Sanju-हिमाचल प्रदेश की आम जनता को महंगाई की एक और मार झेलनी पड़ रही है।बसों के किराए में इजाफे के बाद अब सरकारी डिपो पर मिलने वाला रिफाइंड तेल भी आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला है।पिछले कई महीनों से डिपो पर अनुपलब्ध रिफाइंड तेल अब लौट तो रहा है,लेकिन पहले से काफी महंगे दाम पर।
आम जनता पर महंगाई की नई मार
अब यह तेल एनएफएस और एपीएल परिवारों को 134 रुपये प्रति लीटर तथा आयकरदाता उपभोक्ताओं को 144 रुपये प्रति लीटर की दर से मिलेगा।पहले यह तेल 110 से 120 रुपये प्रति लीटर की रेंज में मिल रहा था। अधिकारियों के मुताबिक,इस बढ़ोतरी की वजह एक्साइज ड्यूटी में इजाफा है। लेकिन ज़मीनी स्तर पर इसका सीधा असर निम्न और निम्न-मध्यम वर्ग की आमदनी पर पड़ना तय है।
पिछले चार से पांच महीनों से नहीं हो रही रिफाइंड तेल की आपूर्ति
शिमला के एक सरकारी डिपो संचालक का कहना है कि उन्हें फिलहाल रिफाइंड तेल के नए रेट्स की कोई जानकारी नहीं मिली है।फिलहाल केवल सरसों का तेल ही उपलब्ध है और पिछले चार से पांच महीनों से रिफाइंड तेल की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी।
ज़िला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक का कहना ये
इस बारे में ज़िला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नरेंद्र चंदेल ने बताया कि उचित मूल्य दुकानों पर दो प्रकार के खाद्य तेल उपलब्ध कराए जाते हैं — 80% सरसों तेल और 20% रिफाइंड तेल।बीते कुछ समय से रिफाइंड तेल के टेंडर मेच्योर नहीं हो पा रहे थे,जिस कारण से सप्लाई बाधित रही। अब सप्लाई प्रक्रिया फिर शुरू हो रही है,लेकिन बढ़े हुए दामों के साथ।
