शिमला,संजू-:शिमला जिला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और अधिक तकनीकी व आक्रामक बनाते हुए अंतरराज्यीय नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है।डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच के आधार पर पुलिस ने पंजाब और हरियाणा से चिट्टा तस्करी नेटवर्क के तीन प्रमुख सप्लायरों को गिरफ्तार किया है।पुलिस का कहना है कि अब कार्रवाई केवल नशे की बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी,बल्कि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़कर मुख्य सरगनाओं तक पहुंच बनाई जा रही है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) मेहर पंवर ने बताया कि पहले मामले में पश्चिमी शिमला पुलिस और स्पेशल सेल ने शोघी बैरियर पर एचआरटीसी बस की जांच के दौरान कुमारसैन निवासी 19 वर्षीय अनुज राजटा के कब्जे से 6 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके मोबाइल फोन, इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (IPDR), कॉल डिटेल रिकॉर्ड और गूगल पे के माध्यम से हुए लेन-देन की गहन पड़ताल की।तकनीकी जांच में सामने आया कि आरोपी ने चंडीगढ़ क्षेत्र से चिट्टा खरीदा था। इसके बाद पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज की जांच करते हुए पंजाब में दबिश दी और कपूरथला से मुख्य सप्लायर साजन सिंह तथा जालंधर से चंडीगढ़ क्षेत्र में नशे की सप्लाई करने वाले जतिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि अनुज ने चिट्टे के बदले साजन सिंह को ऑनलाइन माध्यम से 10,500 रुपये का भुगतान किया था।
दूसरे मामले में रामपुर उपमंडल के रोपड़ू नाला क्षेत्र में डिटेक्शन सेल ने गश्त के दौरान एक संदिग्ध कार से 9 ग्राम चिट्टा, एक डिजिटल वेट मशीन और 26 हजार रुपये नकद बरामद किए थे। इस मामले में किन्नौर निवासी अजेन्द्र कुमार, कुल्लू की मोनिका और शिमला के निखिल को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत गिरफ्तार किया गया था।आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, गूगल पे ट्रांजैक्शन और अन्य वित्तीय लेन-देन की जांच में पता चला कि यह चिट्टा मनीमाजरा में ऑटो चालक की आड़ में तस्करी करने वाले रवि उर्फ रवि गिल से खरीदा गया था। रवि ने आरोपियों को 20 ग्राम चिट्टा बेचने के लिए उपलब्ध कराया था और भुगतान उसकी पत्नी के बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हरियाणा के पिंजौर में दबिश देकर रवि गिल को गिरफ्तार कर लिया।
एएसपी मेहर पंवर ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक शिमला पुलिस 63 मुख्य सप्लायरों यानी किंगपिन्स को गिरफ्तार कर चुकी है तथा 48 बड़े अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्कों का भंडाफोड़ कर उन्हें जड़ से खत्म करने में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी पुलिस डिजिटल फोरेंसिक और तकनीकी जांच के जरिए नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क पर इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।
