शिमला : संजु चौधरी ( TSN)- पंजाब हिमाचल की टैक्सी यूनियन का विवाद आखिरकार खत्म हो गया है. मंत्री अनिरुद्ध सिंह के हस्तक्षेप के बाद इस विवाद पर अब विराम लग गया है। पंजाब और हिमाचल की टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों की बैठक मंगलवार को सचिवालय में मंत्री अनिरुद्ध सिंह की अध्यक्षता में हुई. जिसमें दोनों टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों ने अपने पक्ष रखे और आपसी समन्वय बनाने को लेकर दोनों राज्यों की कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाने पर सहमति बनी है .जिसमें दोनों राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे और यदि कोई भी टैक्सी चालक वीडियो बनाकर वायरल करता है तो उस पर यह कमेटी संज्ञान लेगी। निजी गाड़ियों को टैक्सी के रूप में चलाने का मामला भी यूनियन ने मंत्री के समक्ष उठाया।
मंत्री अनिरुद्ध ने कहा कि पंजाब चंडीगढ़ और हिमाचल की टैक्सी यूनियन का आपसी विवाद चल रहा था, उन्होंने कहा कि बड़ी राज्य से जो टैक्सी चालक आते हैं और जो पर्यटक हैं वह हिमाचल के अतिथि हैं उनकी सुरक्षा करना हमारा दायित्व है और उन्हें हिमाचल में सुरक्षा दी जाएगी ताकि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा नहीं सके।
हिमाचल सरकार की पहल का स्वागत
वही आल हिमाचल देवभूमि टैक्सी यूनियन के सचिव नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि जब विभिन्न राज्यों के टैक्सी यूनियन का विवाद बाद तो समय पंचायती राज मंत्री के समक्ष मामला उठाया गया तो उनके द्वारा इस विवाद को सुलझाने को लेकर कदम उठाया और सभी यूनियन को इकट्ठा करके विवाद सुलझा लिया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सभी राज्यों की टैक्सी यूनियन आपसी तालमेल के साथ काम करेंगे ताकि प्रदेश में भी पर्यटन को बढ़ावा मिले।
वही ट्रांसपोर्ट एकता पंजाब के सोहन सिंह नभा ने हिमाचल सरकार के इस पहल का स्वागत किया और कहा कि अब विवाद खत्म हो गया है और जो भी टेक्सी चालक इस तरह की वीडियो वायरल करता है उस पर कार्यवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा हिमाचल सरकार से भी टैक्सी चालकों की सुरक्षा देने की मांग की गई है ओर कुछ टैक्स को लेकर भी बाते थी उन्हें पूरा करने का आश्वासन भी दिया गया है।
