Shimla,17 November-:शिमला के संजौली क्षेत्र में विवादित ढांचे को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर उभर आया है। देवभूमि संघर्ष समिति ने मंगलवार सुबह 11 बजे संजौली पुलिस थाना परिसर के बाहर आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया है।समिति का कहना है कि प्रशासन द्वारा उनकी शिकायतों और मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही, जिसके चलते उन्हें यह कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है।
बीते शुक्रवार को समिति के कार्यकर्ताओं और स्थानीय महिलाओं ने मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों को उस स्थान पर नमाज़ अदा करने से रोका था, जिसे अदालत द्वारा अवैध निर्माण करार दिया जा चुका है। समिति का तर्क है कि जब तक विवादित ढांचे पर उचित निर्णय या कार्रवाई नहीं होती, तब तक वहां किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि नहीं होनी चाहिए। इस घटना के बाद स्थानीय महिलाओं और समिति से जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई, जिससे मामले में तनाव और बढ़ गया है।
समिति के सह संयोजक विजय शर्मा का कहना है कि वे कानून और प्रशासन का सम्मान करते हैं,लेकिन अवैध निर्माण पर धार्मिक गतिविधियाँ होने देना न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है।वहीं,सह संयोजक मदन ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रशासन मामले को नजरअंदाज कर रहा है,जिससे स्थानीय निवासियों में असंतोष बढ़ रहा है।समिति से जुड़ी कार्यकर्ता श्वेता चौहान का कहना है कि महिलाओं और स्थानीय लोगों की आवाज को दबाया जा रहा है और FIR दर्ज कर उन्हें डराने की कोशिश हो रही है।देवभूमि संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण होगा,परंतु प्रशासन की कथित लापरवाही के विरोध में वे अनशन जारी रखेंगे। अब देखना यह है कि मंगलवार से शुरू होने वाले इस अनशन पर प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या इस कदम से संजौली में जारी विवाद को कोई समाधान मिल पाता है।
