मंडी, धर्मवीर ( TSN)– 27 फरवरी से 5 मार्च तक आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का न्युन्दरा इस बार मंडी कलम से बनाए गए निमंत्रण पत्र से दिया गया है। बता दें कि मंडयाली बोली में निमंत्रण को न्युन्दरा कहा जाता है। डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि मंडी कलम का अपना एक स्मृद्ध इतिहास है। यह मंडी की प्राचीन कला का एक ऐसा हिस्सा है जिसके माध्यम से यहां की प्राचीन संस्कृतिक और सभ्यता की जीवंत झलक देखने को मिलती है।
न्युन्दरे में कार्यक्रम की सारी जानकारी मंडयाली बोली में
मंडी कलम में बनाए गए चित्र आज विश्व भर में अपनी एक अलग पहचान बनाए हुए हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने भी इस बार निमंत्रण पत्र को मंडी कलम के माध्यम से बनाने का प्रयास किया है। राज्यपाल शिव प्रतात शुक्ल और सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू सहित सभी गणमान्यों और जिला के सभी देवी-देवताओं यह निमंत्रण पत्र दे दिया गया है। बता दें कि इस न्युन्दरे में कार्यक्रम की सारी जानकारी मंडयाली बोली में ही लिखी होती है।
निमंत्रण पत्र को मंडी कलम के कलाकार राजेश कुमार ने किया डिजाइन
मंडी कलम में बनाए गए न्युन्दरे यानी निमंत्रण पत्र को मंडी कलम के कलाकार राजेश कुमार ने डिजाइन किया है। उन्होंने बताया कि जब जिला प्रशासन ने उनसे संपर्क किया तो उसके बाद उन्होंने मंडी कलम के माध्यम से यह डिजाइन तैयार किया। फिर उसके बाद प्रशासन की तरफ से इसे फाइनल करके आगे जारी किया गया। राजेश कुमार ने खुशी जताते हुए कहा कि प्रशासन के इस प्रयास से मंडी कलम को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी। आज मंडी कलम विलुप्त होती जा रही है और इसके संरक्षण एवं संर्वधन की जरूरत है। प्रशासन के यह प्रयास एक कारगर कदम साबित हो सकते हैं।
हालही में 5 करोड़ में बिकी थी 5 पेंटिंग्स
अभी हालही में 5 करोड़ में बिकी थी 5 पेंटिंग्स
बता दें कि अभी हालही में मंडी कलम द्वारा सदियों पहले बनाई गई प्राचीन पांच पेंटिंग्स मुंबई में हुई नीलामी में 5 करोड़ में बिकी थी। एक पेंटिंग को तो खरीददार ने तीन करोड़ में खरीदा था। मंडी कलम की जो भी पेंटिंग बनती है उसमें किसी भी तरह के केमिकल वाले रंगों का इस्तेमाल नहीं होता बल्कि इसमें सिर्फ प्राकृतिक रंग ही इस्तेमाल किए जाते हैं। यही कारण हैं कि इनकी कीमत करोड़ों में है।
बता दें कि अभी हालही में मंडी कलम द्वारा सदियों पहले बनाई गई प्राचीन पांच पेंटिंग्स मुंबई में हुई नीलामी में 5 करोड़ में बिकी थी। एक पेंटिंग को तो खरीददार ने तीन करोड़ में खरीदा था। मंडी कलम की जो भी पेंटिंग बनती है उसमें किसी भी तरह के केमिकल वाले रंगों का इस्तेमाल नहीं होता बल्कि इसमें सिर्फ प्राकृतिक रंग ही इस्तेमाल किए जाते हैं। यही कारण हैं कि इनकी कीमत करोड़ों में है।
