शिमला : चन्द्रिका ( TSN)- प्रदेश कांग्रेस सरकार से तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफा देने के बाद और भाजपा में शामिल होने के बावजूद इनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया गया है. जिसके बाद अब ये निर्दलीय विधायक इसका विरोध करते हुए धरने पर बैठ गए हैं. इन विधायकों का कहना है कि हमने अपनी स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है.
विधानसभा अध्यक्ष पर लगाए ये आरोप
निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष को 22 तारीख को हम तीनों निर्दलीयों विधायकों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया था और 23 तारीख को भाजपा पार्टी जॉइन कर ली थी। बार-बार निवेदन के बाद भी विधानसभा अध्यक्ष हमारा इस्तीफा मंजूर नहीं कर रहे हैं.होशियार सिंह ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से एक नोटिस दिया गया और उसमें लिखा गया कि तीन निर्दलीय विधायकों ने किसी के दबाव में ये इस्तीफा दिया है. उन्होंने कहा कि हमने अपनी स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है। हम पर किसी का दबाव नहीं था और न ही हमें कोई एलयोर किया गया है। हम पर ऐसे आरोप लगाना बिलकुल गलत है। निर्दलीय विधायकों ने कहा कि किसी भी राजनीतिक पार्टी का हम पर कोई प्रेशर नहीं था। स्पीकर एक कॉन्स्टिट्यूशनल पोस्ट है और स्पीकर किसी के दबाव में आकर अगर ऐसी नोटिस इश्यू करता है तो वो लोकतंत्र की ह*त्या हैं और बार-बार आग्रह करने के बाद, बार-बार ईमेल, बार-बार उनको रिपीटेड रिमाइंडर देने के बाद भी स्पीकर साहब ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की और उसकी एवेज में एक नोटिस निकाल कर कहा गया कि इस्तीफा क्यों दिया एक्सप्लेनेशन दो।
हम किसी पार्टी से बंधे हुए नहीं..कैसे मांग सकते हैं
एक्सप्लेनेशन
वहीं निर्दलीय विधायक के एल ठाकुर ने कहा कि हम इंडिपेंडेन्ट है, हम किसी पार्टी से बंधे हुए नहीं है। एक इंडिपेंडेन्ट से कैसे एक्सप्लेनेशन मांग सकते हैं? अगर कोई इंडिपेंडेंट उम्मीदवार जीत कर के आया है तो उससे एक्सप्लेनेशन मांगने की कोई आवश्यकता नहीं है। निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार से हम अप्पोइंटमेंट मांगते रहे। हमें 14 महीने अप्पोइंटमेंट नहीं मिली। 8 महीनों से कांग्रेस के मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश की बावजूद इसके एक बार भी मुख्यमंत्री ने समय नहीं दिया। 14 महीनों से जो जलीलयत हमें मिलती रही उसी के निष्कर्ष से हम सभी निर्दलीय विधायकों ने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
