Faridabad, 7 January-:फरीदाबाद केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने फरीदाबाद में रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-GRAMG के नए बिल को लेकर प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस नए कानून के माध्यम से पुरानी योजनाओं की खामियों को दूर करते हुए ग्रामीण जनता को अधिक सुविधाएं और पारदर्शी व्यवस्था देने का प्रयास किया है।
विकसित भारत 2047 की ओर मजबूत कदम
मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि यह बिल विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी, जिससे किसानों, मजदूरों और ग्रामीण परिवारों की आय में बढ़ोतरी होगी।
गांवों की बुनियादी जरूरतों पर फोकस
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत जल संचयन, कृषि आधारित कार्य और भूजल स्तर सुधार को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे गांवों की बुनियादी जरूरतें पूरी होंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम
केंद्रीय मंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले मनरेगा जैसी योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार देखने को मिला था। नए बिल के लागू होने के बाद ऐसी गड़बड़ियों पर रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि राज्यों के सहयोग से योजना के सभी कार्यों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
ग्राम सभा को मिले अधिक अधिकार
मंत्री ने कहा कि नए बिल में ग्राम सभा को विशेष अधिकार दिए गए हैं। अब ग्राम सभा यह तय करेगी कि गांव में कौन से विकास कार्य जरूरी हैं और किनकी आवश्यकता नहीं है। इससे स्थानीय स्तर पर निर्णय प्रक्रिया मजबूत होगी और योजनाएं ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू होंगी।
गांव-गांव जाकर दी जाएगी जानकारी
कृष्णपाल गुर्जर ने बताया कि इस बिल की जानकारी और इसके लाभ ग्रामीण जनता तक पहुंचाने के लिए मंत्री और विधायक गांव-गांव जाएंगे। वे लोगों को योजना के फायदे बताएंगे और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का जवाब भी देंगे।उन्होंने कहा कि विकसित गांव ही विकसित भारत की नींव हैं, और इसी सोच के साथ सरकार ग्रामीण भारत के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है।
