बिलासपुर, सुभाष ठाकुर (TSN)-हिमाचल प्रदेश की पुलिस भर्ती में प्रयोग में लाए जाने वाले उपकरणों की जांच अब विधिक माप विज्ञान विभाग करेगा। भर्ती शुरू होने से पहले विधिक माप विज्ञान विभाग को पुलिस द्वारा उनके उपकरणों की जांच करवानी होगी, उसके बाद उन उपकरणों को प्रयोग में लाया जा सकता है। इसी कड़ी में विधिक माप विज्ञान विभाग बिलासपुर मंडल के सहायक नियंत्रक प्रवीण सिउटा द्वारा हमीरपुर, ऊना व बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है। इस पत्र के माध्यम से विभाग के नियमों का हवाला देकर उपकरणों की जांच करवाने के लिए कहा गया है।
विधिक माप विज्ञान विभाग ने बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना एसपी को भेजा पत्र
बता दे कि इन उपकरणों की जांच पहले विभाग करेगा, जिसमें भार मशीन, लॉंग जंप उपकरण, लंबाई मापने वाला मीटर शामिल किए गए हैं। इन उपकरणों की सही जांच के बाद ही इनको पुलिस भर्ती में प्रयोग किया जाएगा। अगर इन किसी भी उपकरणों में सही मानक नहीं पाए जाएंगे तो उन उपकरणों को पुलिस भर्ती में प्रयोग नहीं किया जा सकता है। इस संदर्भ में ही विभाग द्वारा पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखा गया है।
पुलिस भर्ती में भार मशीन, लॉग जंप, व अन्य उपकरणों की होगी जांच
जानकारी के अनुसार 20 से 24 फरवरी को बिलासपुर, 11 से 15 फरवरी को ऊना व 28 फरवरी से 5 मार्च तक हमीरपुर में पुलिस भर्ती आयोजित की जा रही है। जिसमें हजारों युवा व युवतियां भाग ले रही हैं। ऐसे में इन भर्ती शेडयूल के बाद ही माप तोल विभाग ने अपनी कवायद आरंभ कर दी हैं। विभागीय अधिकारियों की मानें तो उनका कहना है कि इस तरह से उपकरणों की जांच करने के लिए केंद्र सरकार से आदेश जारी हुए हैं। जिसमें पुलिस भर्ती, आर्मी भर्ती व खेल गतिविधियों में यूज होने वाले उपकरणों की जांच की जाए। क्योंकि कुछ समय पहले देश की किसी बड़ी खेल गतिविधियों में उपकरणों पर सवाल उठाए गए थे। ऐसे इसकी जांच माप तोल विभाग से करवाई गई थी, जिसमें जांच के बाद कुछ खामियां पाई गई थी। जिसके बाद केंद्र सरकार की ओर से सभी राज्यों को यह आदेश जारी किए गए थे और इन उपकरणों की जांच करने के लिए माप तोल विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन्हीं आदेशों की पालना करते हुए विधिक माप विज्ञान विभाग बिलासपुर द्वारा तीन जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखा गया है। बिलासपुर में तैनात अधिकारी को तीन जिलों की जिम्मेवारी सौंपी गई है और उक्त अधिकारी बतौर डिवीजल अधिकारी के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में पुलिस भर्ती से पहले इन उपकरणों की जांच पुलिस विभाग को माप तोल विभाग के पास करवाई होगी। उसी के बाद यह उपकरण पुलिस भर्ती में प्रयोग में लाएं जाएंगें।
