/ Sep 18, 2026

बद्रीनाथ मंदिर के इन रहस्यों से अनजान होंगे आप, जानें कैसे माता लक्ष्मी ने लिया ‘बदरी वृक्ष’ का रूप

दिल्ली (एकता): भारत में धार्मिक पर्यटन के लिए कई प्रमुख स्थल हैं जहां पर्यटक आकर्षित होते हैं। हर किसी में गहरा इतिहास छिपा हुआ है। ऐसा ही एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जिसका नाम बद्रीनाथ है। यह मंदिर चारधाम यात्रा के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। इस तीर्थ स्थल के प्रति हिंदुओं की गहरी आस्था है। यह पवित्र स्थल भगवान विष्णु के चतुर्थ अवतार नर एवं नारायण की तपोभूमि है। इस धाम के बारे में कहावत है कि- “जो जाए बद्री,वो न आए ओदरी”यानि जो व्यक्ति बद्रीनाथ के दर्शन कर लेता है, उसे माता के गर्भ में दोबारा नहीं आना पड़ता। बद्रीनाथ धाम से जुड़ी कई रोचक पौराणिक बातें हैं।


तपस्या के लिए शिव से मांगा था यह स्थान

जब भगवान श्रीविष्णु अपनी तपस्या के लिए उचित स्थान देखते-देखते नीलकंठ पर्वत और अलकनंदा नदी के तट पर पहुंचे, तो यह उनको अपनी भक्ती के लिए काफी पसंद आया। लेकिन यह जगह शिव की थी। अचानक विष्णु भगवान ने बाल रूप धारण किया। इतना ही नहीं उनके रोने की आवाज से माता पार्वती और शिवजी उस बालक के सामने आए। उन्होंने उससे रोने का कारण पूछा। बालक ने ध्यान योग करने के लिए शिव से यह स्थान मांग लिया। आज यह पवित्र स्थल बद्रीविशाल के नाम से काफी खास जाना जाता है।


जानें क्यों लक्ष्मी जी ने लिया बदरी वृक्ष का रूप

कहा जाता है कि जब भगवान विष्णु अपनी भक्ती में लीन थे तो अचानक काफी बर्फ पड़ने लगी। श्रीहरि बर्फ से पूरी तरह ढकने लगे थे। तभी माता लक्ष्मी ने उनको बर्फ से बचाने के लिए एक विशालकाय बेर के वृक्ष का रूप धारण किया और पूरी बर्फ उनके ऊपर गिरने लगी। माता लक्ष्मी भगवान विष्णु को धूप, बारिश और हिमपात से बचाने के लिए सख्त तपस्या करने लगीं। काफी सालों के बाद जब श्रीविष्णु ने अपना तप पूर्ण किया तो उन्होंने देखा कि उनकी प्रिया लक्ष्मी जी तो पूरी तरह बर्फ से ढकी हुई हैं। तब श्री हरि ने माता लक्ष्मी के तप को देखकर कहा-‘हे देवी! तुमने मेरे बराबर ही तपस्या की है। आज से इस स्थान पर मुझे तुम्हारे साथ ही लोग याद करेंगे और पूजा करेंगे। आज से मुझे ‘बदरी के नाथ’ यानि बद्रीनाथ से जाना जाएगा।

भगवान की आधी आकृति

बद्रीनाथ जोशीमठ से कुछ ही दूरी पर स्थित है। यहां मंदिर के पास एक पत्थर है। इसको ध्यान से देखने पर भगवान की आधी आकृति देखने को मिलती है। जब यह पूर्ण रूप ले लेगी तब यहां लोगों को बद्रीनाथ के दर्शन होंगे।

कब और कहां पर दर्शन

यहां भगवान विष्णु के दर्शन हुआ करते थे। बद्रीनाथ यानि बद्री विशाल धाम को भगवान का दूसरा घर बताया गया है। भविष्य में जहां भगवान का धाम होगा। लोगों की इसके प्रति गहरी आस्था होगी।

Ekta TSN

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