गुरुग्राम, 10 फरवरी-:गुरुग्राम की साइबर सिटी एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के सरस आजीविका मेले की मेजबानी के लिए तैयार है। यह मेला 10 फरवरी से 28 फरवरी तक सैक्टर-29 स्थित लेजर वैली ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। मेले में देश के 30 राज्यों से आई स्वयं सहायता समूहों की करीब 900 महिलाएं अपने-अपने राज्यों की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और उत्पादों की प्रदर्शनी लगाएंगी।
मेले में कुल 450 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें हस्तनिर्मित वस्तुओं के साथ-साथ अलग-अलग राज्यों के लाइव फूड स्टॉल भी खास आकर्षण का केंद्र रहेंगे। यहां आने वाले दर्शकों को एक ही स्थान पर मिनी भारत के दर्शन होंगे, जहां विविध संस्कृति, लोक कला और स्वादिष्ट व्यंजनों का अनुभव मिलेगा।मेले में आम जनता के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। सरस मेला प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक खुला रहेगा। इसके साथ ही मेले में बेबी केयर और बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है।सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मेले के दौरान 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जो पूरे परिसर में सुरक्षा पर नजर रखेंगे।
केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित सरस मेला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मेले के दौरान महिलाओं के लिए रोजाना विभिन्न विषयों पर कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी, जिससे वे मार्केटिंग, ब्रांडिंग और बिक्री से जुड़ी नई तकनीकों को सीख सकें।
संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त प्रयासों से देशभर में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत वर्तमान में 9.7 करोड़ महिलाएं जुड़ी हुई हैं और जल्द ही इस संख्या को 10 करोड़ के पार ले जाने का लक्ष्य है।सरकार का प्रयास है कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों से बैंकों का सहयोग भी बढ़ा है। स्वाति शर्मा ने बताया कि महिलाओं की आर्थिक उन्नति के कारण बैंकों का उन पर भरोसा बढ़ा है और कई राज्यों में एनपीए की दर दो प्रतिशत से भी कम है।
