भावना,हिसार(TSN): छोरियां छोरों से कम नहीं होती, ये हरियाणवी डायलॉग तो आपने कई बार सुना होगा लेकिन इसे सच साबित कर दिखाया है हरियाणा की बॉक्सिंग चैंपियन मोहिनी धनखड़ ने। छोटी सी उम्र में बॉक्सिंग की दुनिया में एक बार फिर मोहिनी ने अपने हुनर का जादू बिखेरा हैं। मोहिनी ने कजाकिस्तान में आयोजित एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता हैं।
इस प्रतियोगिता का आयोजन हाल में एसबीसी की ओर से कजाकिस्तान के अस्थाना शहर में किया गया। मोहिनी ने 52 किलो भार वर्ग में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान और सेमीफाइनल में थाईलैंड के बॉक्सर को हराकर फाइनल में एंट्री की। फाइनल में मोहिनी और उज्बेकिस्तान के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों मुक्केबाजों ने एक दूसरे को कांटे की टक्कर दी,हालांकि, अंत में मोहिनी को हार मिली और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा,लेकिन उनके दमदार प्रदर्शन ने सबका दिल जीत लिया।
बता दें कि झज्जर से ताल्लुक रखने वाली मोहिनी हिसार में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के गिरी सैंटर की छात्रा हैं। मोहिनी ने अपनी इस जीत का श्रेय अपने कोच महेंद्र सिंह को दिया हैं।
