Shimla,Sanju(TSN)-हिमाचल प्रदेश में शिक्षा विभाग को सुदृढ़ और प्रभावशाली बनाने की दिशा में अहम कदम उठाए जा रहे हैं।एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि शिक्षकों के तबादलों पर मई महीने के अंत तक अस्थायी रोक लगाई जा रही है, ताकि नई ट्रांसफर पॉलिसी को अंतिम रूप दिया जा सके।उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर स्कूलों से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाएगा। यदि आवश्यक हुआ तो स्कूलों के विलय और पुनर्गठन की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
पिछले ढाई वर्षों में राज्य में लगभग 1200 स्कूलों को किया बंद
शिक्षा मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य में लगभग 1,200 स्कूलों को बंद किया गया है, जिनमें से करीब 450 स्कूलों में एक भी छात्र नामांकित नहीं था। अब लगभग 100 ऐसे स्कूलों को डिनोटिफाई करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी,जिनमें छात्रों की उपस्थिति शून्य है।स्कूलों के पुनर्गठन में यह ध्यान रखा जाएगा कि स्कूलों की संख्या,उनकी भौगोलिक दूरी और छात्र संख्या के आधार पर उन्हें या तो आपस में मिलाया जाएगा या उनकी श्रेणी बदली जाएगी। कुछ स्कूलों को को-एजुकेशन मॉडल में भी परिवर्तित किया जाएगा,जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।
सुधारात्मक प्रयासों के तहत तीन प्रमुख स्कूलों को विशेष रूप से चुना
रोहित ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने सुधारात्मक प्रयासों के तहत तीन प्रमुख स्कूलों को विशेष रूप से चुना है,जहां शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए विशेष कार्य होंगे।रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए लगातार काम कर रही है और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। छात्रों को बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना हमारी प्राथमिकता है।
