करनाल : चन्द्रिका ( TSN)- अटकलों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस ने आखिरकार करनाल समेत आठ लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी के नाम घोषित कर दिए। करनाल लोकसभा सीट पर कांग्रेस के टिकट में बड़ा बदलाव देखने को मिला। 31 वर्ष के दिव्यांशु बुद्धिराजा का मुकाबला भाजपा दिग्गज एवं दो बार मुख्यमंत्री रह चुके मनोहर लाल से होगा।
करनाल कांग्रेस लोकसभा प्रत्यशी की घोषणा होने के बाद जिला की युवा इकाई व कार्यकता करनाल स्तिथ बाल्मीकि चौंक पर एकत्रित हुए। कांग्रेस पार्टी के नारे को बुलंद करते हुए कांग्रेस आला हाई कमान का आभार जताया और खुशी मनाते हुए लड्डू बांटे।गौरतलब है कि बुद्धिराजा एनएसयूआई हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष है राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा व वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के नजदीकी बताए जा रहे हैं। कांग्रेस ने करनाल लोकसभा पर दिव्यांशी बुद्धिराजा को उम्मीदवार उतार कर पंजाबी वर्ग पर अपनी पकड़ मजबूत करने का काम किया है।
गौरतलब है कि लोकसभा के चुनाव 25 मई को हैं। भाजपा प्रदेश की सभी 10 सीटों पर अपने उम्मीदवार पहले ही उतार चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पिछले दिनों बीजेपी द्वारा उम्मीदवार घोषित किया जा चुका है जो कि चुनावी प्रचार अभियान में ताबड़तोड़ तोड़ जुटे हुए है।
अटकलों पर विराम
कांग्रेस के टिकट पर कभी वीरेंद्र राठौर तो कभी पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा के सुपुत्र चाणक्य पंडित का नाम प्रमुखता से रखा जा रहा था। इन सब के बीच दो दिन पहले एनसीपी के नेता वीरेंद्र मराठा का नाम भी सामने आया था। पानीपत से बड़ा पंजाबी चेहरा वरिंदर शाह का नाम भी कई बार चर्चाओं में चला। इन सारी अटकलों पर कांग्रेस आला हाई कमान ने विराम लगाते हुए करनाल लोकसभा से अपना प्रत्याशी दिव्यांशु बुद्धिराजा घोषित कर दिया।
युवाओं की आवाज को बुलंद करते रहे बुद्धिराजा
दिव्यांशु बुद्धिराजा युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वे एनएसयूआई के नेता भी रह चुके हैं और पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रधान रह चुके हैं। करनाल के सेक्टर 4 में रहते हैं। वह पिछले लंबे समय से युवाओं को लेकर लगातार सक्रिय थे। उन्होंने युवाओं को रोजगार उनके प्रदेश छोड़कर विदेश में जाने समेत प्रदेश में आयोजित प्रतियोगी परीक्षा को लेकर लगातार आवाज उठाई। उन्होंने पिछले दिनों इसको लेकर न्याय यात्रा भी निकाली थी।
आसान नही होगी जीत
दिव्यांशु बुद्धिराजा के सामने बड़ी चुनौती भाजपा के दिग्गज व हैवी प्रत्याशी पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल है। अपने चुनावी अभियान में मनोहर लाल पानीपत समेत करनाल की सभी नौ विधानसभाओं में दो बार जनसभा कर चुके हैं। इसके अलावा पार्टी के कार्यकर्ता विधानसभा और बूथ स्तर पर लगातार जनसंपर्क जारी है। अब ऐसे में बुद्धिराजा को चुनाव प्रचार के लिए शेष 30 दिनों में सभी 9 विधानसभाओं में जाकर अपनी पकड़ बनानी होगी।
बगावत में हो सकती है भितरघात
करनाल लोकसभा से टिकट की बड़ी दावेदारी में वीरेंद्र राठौर नाम शीर्ष पर था, वहीं ब्राह्मणों में पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा के सुपुत्र चाणक्य पंडित टिकट के मजबूत दावेदार थे।उनका लगातार जनसंपर्क भी चल रहा था। इनके बीच एनपीसी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र मराठा ने भी टिकट के लिए काफी प्रयास किया था।बहरहाल बीजेपी प्रत्याशी मनोहर लाल, दिग्गज, पंजाबी व दो बार के मुख्यमंत्री के मुकाबले दिव्यांशु बुद्धिराजा युवा पंजाबी चेहरा है। बुद्धिराजा के लिये यह चुनाव काफी चुनौती पूर्ण होगा।
