Shimla,6 November-:हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश में गुठलीदार फलों की खेती को नई दिशा देने की पहल शुरू कर दी है। इसी कड़ी में जिला शिमला के थानाधार में प्रदेश का पहला “राष्ट्रीय गुठलीदार फल सम्मेलन” सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।यह आयोजन गुठलीदार फल उत्पादक संघ, बागवानी विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में हुआ, जिसमें नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, फल उत्पादकों और बागवानों ने भाग लिया।
थानाधार में प्रदेश का पहला राष्ट्रीय गुठलीदार फल सम्मेलन आयोजित
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राजस्व,बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि बागवानी हिमाचल के पर्वतीय क्षेत्रों की जीवनरेखा है और अब राज्य को सेब के साथ-साथ गुठलीदार फलों को भी समान महत्व देना होगा।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में नीति समर्थन, प्रशिक्षण, अनुसंधान और विपणन ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।मंत्री ने हाई-डेंसिटी प्लांटेशन तकनीक को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि सीमित भूमि पर अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिक खेती आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सरकार ने हाल ही में इटली की कंपनी के साथ एमओयू किया है, जिसके तहत जल्द ही 50 हजार हाई-डेंसिटी पौधे तैयार किए जाएंगे, ताकि गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री की कमी पूरी की जा सके।
सरकार ने हाई-डेंसिटी बागवानी और गुणवत्तापूर्ण पौध उत्पादन पर दिया जोर
जगत सिंह नेगी ने बागवानी विभाग को निर्देश दिए कि वह ऐसे सम्मेलन समय-समय पर आयोजित करे ताकि किसानों को आधुनिक तकनीक और नई फसलों के बारे में जानकारी मिल सके। उन्होंने आयोजन समिति के दीपक सिंघा का विशेष धन्यवाद किया और कहा कि थानाधार क्षेत्र गुठलीदार फलों की क्रांति की दिशा में नए अध्याय की शुरुआत कर रहा है।
राठौर बोले – ऐसे सम्मेलन विकास की दिशा तय करेंगे
विशिष्ट अतिथि कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि ऐसे सम्मेलन किसानों, वैज्ञानिकों और नीति-निर्माताओं के बीच सेतु का काम करेंगे। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे बागवानों के खेतों में जाकर व्यावहारिक प्रशिक्षण दें और समस्याओं के समाधान सुझाएं।
विशेषज्ञों की प्रस्तुतियां और प्रदर्शनी
सम्मेलन में विशेषज्ञों ने गुठलीदार फलों की आधुनिक तकनीक, रोग नियंत्रण, जलवायु-अनुकूल प्रजातियां, मूल्य संवर्धन और विपणन रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की।
साथ ही बागवानी विभाग और विभिन्न कंपनियों द्वारा प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए, जिनमें उन्नत किस्मों और नवीन तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
प्रमुख वक्ता और प्रतिभागी
सम्मेलन में प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल (कुलपति, नौणी विश्वविद्यालय), विनय सिंह (निदेशक, बागवानी विभाग), सी. पॉलरासु (सचिव, बागवानी विभाग), संजय मेहता (निदेशक, हिमाचल फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी) सहित कई विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यूजीलैंड और स्पेन के प्रतिनिधियों ने भी तकनीकी सहयोग के कार्यक्रमों की जानकारी दी।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस अवसर पर ठियोग के पूर्व विधायक राकेश सिंघा, ग्राम पंचायत थानाधार के प्रधान संजीव सहित बड़ी संख्या में किसान और बागवान मौजूद रहे।
