मंडी, धर्मवीर ( TSN)- पूर्व मंत्री व दिग्गत नेता महेंद्र सिंह ठाकुर ने अपने राजनीतिक सफर के दौरान धर्मपुर में चाहे जितना मर्जी विकास करवाया हो, लेकिन उनके क्षेत्र में आज भी ऐसे गांव है जो सड़क सुविधा के बिना कालापानी जैसी सजा काटने को मजबूर हैं। आलम यह है कि जब गांव मे कोई मरीज बीमार हो जाता है तो उसे कुर्सी, पालकी और पीठ पर उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। यहां बात हो रही धर्मपुर विधानसभा के तहत आने वाली ग्राम पंचायत घरवासड़ा के साहण गांव की।
बीमार होने पर मरीज को कुर्सी व पीठ पर उठाकर पहुंचाना पड़ता है अस्पताल
ऐसा नहीं है यहां के वाशिदें सड़क के लिए जमीन देने के लिए तैयार नहीं है। साल 2008 में गांव के लिए टूटी-फूटी कच्ची सड़क भी निकाली गई थी। लेकिन बरसात में यह सड़क सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद आज दिन यहां डंगे तक नहीं लग पाए हैं। पिछले दिनों गांव में जीत सिंह की तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें कुर्सी पर उठाकर अस्तपाल पहुंचाया गया। चंडीगढ से उपचार करवाने के उपरांत जीत सिंह अपने गांव वापिस आना चाहते थे, लेकिन सड़क सुविधा न होने पर वे मजबूरी में अपनी बेटी के घर रूक गए और वहीं अपने प्राण त्याग दिए। परिजनों को कहना है कि जीत सिंह की इच्छा थी कि वह अपने गांव में अंतिम सांस ले, लेकिन गांव में सड़क सुविधा न होने से ऐसा हो ना पाया।
समय पर अस्पातल नहीं पहुंचने के कारण कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ चुके
90 वर्षीय रोशनी देवी का कहना है कि समय पर अस्पातल नहीं पहुंचने के कारण कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ चुके हैं। पिछले दिनों जब वह खुद बीमार हुई तो उन्हें पीठ पर बिठाकर अस्पताल ले जाया गया। वहीं बलवीर राणा ने बताया कि सड़क न होने के कारण दर्जनों परिवार यहां से पलायन कर चुके हैं। स्थानीय निवासियों सहित पूर्व जिला परिषद भूपेंद्र सिंह ने प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक से इस गांव के लिए शीघ्र सड़क बनाने की मांग उठाई है।
