कुल्लू : मनमिंदर अरोड़ा ( TSN)- हिमाचल प्रदेश देवी देवताओं की भूमि है और यहां पर कण कण में देवी देवता निवास करते हैं। वही समय-समय पर देवी देवता अपनी शक्ति का भी प्रदर्शन करते हैं। जिसे देखकर नास्तिकों के मस्तक भी आस्था के आगे झुक जाते हैं। ऐसा ही नजारा बीती रात के समय जिला कुल्लू के पिपलागे में देखने को मिला। जहां पर माता नैना का जग उत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया।
पिपलागे में मनाया गया माता नैना का जाग उत्सव
बीती रात के समय माता नैना का देव रथ, गुर सहित अन्य श्रद्धालुओं ने अंगारों पर कूद कर माता की शक्ति का परिचय दिया। जिसे देखकर सभी भक्त भी हैरान हो गए। माता नैना का जाग उत्सव बीती रात के समय धूमधाम के साथ मनाया गया और इस उत्सव को देखने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिला से श्रद्धालु यहां पर पहुंचे। श्रद्धालुओं के द्वारा पहले मंदिर में भजन कीर्तन किया गया और देर रात के समय अंगारों पर कूद कर श्रद्धालुओं ने माता की शक्ति का भी परिचय दिया गया। इस जाग उत्सव में माता भद्रकाली, माता कोयला, माता शीतला, माता नागराणी अपने कारकूनों ओर हारियानों सहित विशेष रूप से शामिल हुई।
माता की शक्ति के आगे श्रद्धालु भी नतमस्तक
माता नैना के पुजारी अमित महंत ने बताया कि इस मौके पर भजन मंडली ने भजन कीर्तन के माध्यम से माता की महिमा का बखान कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। रात्रि एक बजे माता नैना, माता भद्रकाली ने अपने कारकूनों, हारियानो सहित ढोल नगाड़े के साथ मंदिर में प्रवेश किया और अंगारों के चारों ओर परिक्रमा की। माता की शक्ति के आगे श्रद्धालु भी नतमस्तक हो गए। लगभग 2:00 बजे माता नैना और भद्रकाली ने अपने कारकूनों, हारियानों व देवलुओं के साथ ढोल-नगाड़ों की थाप पर मंदिर में प्रवेश कर देवालय के साथ अंगारों के चारों ओर परिक्रमा की। इसके बाद जलते अंगारों के बीच हुए नृत्य का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।भद्रकाली माता के पुजारी अमित महंत ने बताया कि इस जाग की अद्भुत बात यह है कि यहां पर माता के गुरु, चेलियां आग के अंगारों पर चलते हैं और माता रानी की कृपा से किसी के भी पैर में आंच तक नहीं आती हैं। उन्होंने बताया कि जाग के दिन माता ने सभी भक्तों के दुखों का निवारण किया और सभी को मनोवांछित फल प्रदान किया। वही, माता रानी के इस जाग उत्सव में नारियल के माध्यम से सभी भक्तों के बुरे ग्रहों का निवारण करती हैं।
वही, जाग उत्सव में पहुंची श्रद्धालु वैशाली विष्ठ का कहना हैं कि प्रदेश के कई इलाकों में देवी देवता इस तरह से अपने भक्तों को आशीर्वाद देते है और श्रद्धालु भी देवी देवताओं की शक्ति को नमन करते है। पिपलागे में भी माता का आशीर्वाद लेने के लिए हजारी श्रद्धालु आए थे और माता ने सभी श्रद्धालुओं को सुख समृद्धि का आशीर्वाद दिया हैं।
