कुल्लू, मनमिंदर: हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा चंडीगढ़ और दिल्ली के चालकों को अब इन सभी इलाकों में 24 घंटे हेल्पलाइन की सुविधा मिलेगी ,आपात स्थिति में उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना होगा। ऐसे में हर राज्य का एक अलग से हेल्पलाइन नंबर अब जल्द ही जारी किया जाएगा और मारपीट सहित अन्य प्रकार के घटनाओं पर उस राज्य के टैक्सी यूनियन तुरंत एक्शन भी लेगी। यह निर्णय मनाली में आयोजित मैत्री सम्मेलन में लिया गया।
मनाली में हुए मैत्री सम्मेलन में लिया गया निर्णय
जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मनाली के बड़ाग्रां में हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और चालकों की सुविधा के लिए अब जल्द ही हेल्पलाइन नंबर जारी करने पर सभी ने अपनी सहमति जताई। गौर रहे कि मई व जून माह में हिमाचल में भी बाहरी राज्यों के चालकों के साथ मारपीट का मामला सामने आए। तो वहीं हिमाचल के चालकों के साथ भी पंजाब और हरियाणा में मारपीट की घटनाएं सामने आई। जिससे दोनों राज्यों में टैक्सी चालकों के बीच विवाद पैदा हो गया था और इससे सभी लोगों का रोजगार भी प्रभावित हो रहा था। इसी मुद्दे को लेकर हिमाचल प्रदेश टैक्सी यूनियन के द्वारा मैत्री सम्मेलन का आयोजन किया गया।
हिमाचल प्रदेश टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष मकरध्वज शर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया में भी पंजाब व हिमाचल के टैक्सी चालकों का विवाद फैल रहा था और इससे हिमाचल के पर्यटन कारोबार पर भी बुरा असर पड़ रहा था। ऐसे में अब सभी यूनियन ने मिलकर निर्णय लिया है कि एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा और मारपीट सहित अन्य घटना होने पर टैक्सी चालक तुरंत हेल्पलाइन के माध्यम से मदद मांग सकेंगे। जो भी व्यक्ति इसमें दोषी पाया जाएगा। उस पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
सवारी उठाने का अधिकार सरकार द्वारा दिया गया है: सरनजीत सिंह कलसी
वहीं पंजाब से आए आजाद टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष सरनजीत सिंह कलसी ने बताया कि टैक्सी चालक प्रदेश पर केंद्र सरकार को टैक्स देते हैं और उन्हें कहीं से भी सवारी उठाने का अधिकार सरकार के द्वारा दिया गया है। ऐसे में अगर कोई टैक्सी यूनियन या टैक्सी चालक गुंडा पर्ची काटता है तो उस पर भी सभी यूनियन मिलकर आगामी समय में कार्य करेगी। ताकि टैक्सी चालक का रोजगार प्रभावित न हो सके।
आजाद टैक्सी यूनियन के उपाध्यक्ष जवाहर सिंह मल्ली ने बताया कि मनाली में रखा गया मैत्री सम्मेलन सफल रहा है और इससे अब सभी टैक्सी योजना का आपसी विवाद भी दूर हो गया है। आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश से जो भी टैक्सी चालक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली का रुख करता है तो उसकी वहां पर स्थानीय टैक्सी यूनियन के द्वारा पूरी मदद की जाएगी।
