हिमाचल मानव विकास रिपोर्ट…सतत विकास लक्ष्यों में देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हुआ हिमाचल
Shimla, 27 October -:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश मानव विकास रिपोर्ट 2025 जारी की। यह रिपोर्ट पर्यावरण, विज्ञान, तकनीकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के संयुक्त तत्वावधान में तैयार की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश सतत विकास लक्ष्य (SDG) सूचकांक में देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हुआ है। वर्ष 2023-24 के मूल्यांकन में राज्य का समग्र स्कोर 77 रहा है। 2011 से राज्य का प्रति व्यक्ति आय (PCI) लगभग तीन गुना बढ़ गई है।सीएम सुक्खू ने बताया कि हिमाचल प्रदेश ने 16 में से 9 एसडीजी लक्ष्यों पर राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है। इनमें किफायती और स्वच्छ ऊर्जा, स्वच्छ जल और स्वच्छता, तथा सभ्य कार्य और आर्थिक विकास के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन शामिल है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यावरण के अनुकूल विकास की दिशा में अग्रसर है। ग्लोबल वार्मिंग से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार एक ठोस रोडमैप तैयार कर रही है।
केंद्र से राहत राशि पर सख्त तेवर
सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हिमाचल प्रदेश में आपदा राहत के लिए घोषित ₹1500 करोड़ की राशि अब तक नहीं मिली है। उन्होंने भाजपा नेताओं से आग्रह किया कि वे दिल्ली जाकर हिमाचल की पैरवी करें।उन्होंने कहा कि सरकार भी उनके साथ जाने को तैयार है, ताकि यह राशि जल्द से जल्द हिमाचल को मिल सके।
दिल्ली में वित्त मंत्री और वित्त आयोग से मुलाकात आज
मुख्यमंत्री ने बताया कि वे दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष से मुलाकात कर राज्य के वित्तीय हितों की पैरवी करेंगे।उन्होंने कहा कि ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू करने के चलते राज्य को ₹1600 करोड़ के अतिरिक्त कर्ज की अनुमति पर केंद्र ने रोक लगाई है। इसे पुनः बहाल करने और 2% अतिरिक्त कर्ज सीमा की छूट देने की मांग की जाएगी।सीएम ने यह भी बताया कि जीएसटी कंपनसेशन जून 2022 से बंद होने के कारण राज्य को फार्मा हब से हजारों करोड़ का नुकसान हुआ है। पहले जहां राज्य को लगभग ₹3500 करोड़ प्राप्त होता था,वहीं अब मात्र ₹150 करोड़ मिल रहे हैं।यह मुद्दा भी वित्त मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा।
