शिमला : कमल भारद्वाज ( TSN)-राजस्व व बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने राज्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट में राज्य के सर्किट हाउस व रेस्ट हाउस के वितरण के लिए नियमों की पालना नहीं की जा रही है। केंद्रिय चुनाव आयोग से आई चिट्टी की हिमाचल के निर्वाचन आयुक्त गलत व्याख्या कर रहे हैं।
चुनाव आयोग की चिट्टी की कर रहे गलत व्याख्या
जगत सिंह नेगी ने कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव करवाने को सबको लेवल फील्ड यानि एक समान मौका देने का नियम है। लोकसभा आचार संहिता के बीच राज्य के रेस्ट हाउस व सर्किट हाउस सभी राजनीतिक दल के लोगों व प्रत्याशियों को बराबर देने का नियम है। मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के पैरा-14 में यह सपष्ट है। किस कंडिशन में देना है इसका भी नियम तय है। नियमों में प्रावधान है कि सत्ताधारी पार्टी सर्किट हाउस व रेस्ट हाउस ज्यादा अपने को नहीं रख सकेंगे, सभी को बराबर देने होंगे ताकि वहां पर चुनाव के समय में लोग रह सके। यह भी नियम है कि 48 घंटे से ज्यादा वहां प्रत्याशी या उनके समर्थक नहीं रह सकते। न ही वहां पर किसी तरह की राजनीतिक बैठक होगी न ही राजनीतिक पार्टियों के ऑफिस खुलेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य चुनाव आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी इन नियमों की गलत व्याख्या कर रहे हैं। हमने उनके समक्ष यह बात रखी भी है। उन्होंने पूरा नियम नहीं पढ़ा, केवल उसका पहला पेज ही पढ़ा है। वे जैड सिक्योरिटी वालों को ही इसे देने की बात कर रहे हैं। 16 मार्च को केंद्र चुनाव आयोग की चिट्टी आई है उसमें आधी अधूरी बात है। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ऐसा करके परेशान करने का काम कर रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में होटल व प्राइवेट अकमोडेशन नहीं है। उन्होंने केंद्रिय चुनाव आयोग से मांग की है कि इस नियम को ठीक करें। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं केंद्र सरकार इन पर दबाव डालने का काम तो नहीं कर रही है। ऐसा होने से लेवल प्लेइंग फील्ड नहीं मिल रही है।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि वह अभी लाहुल स्पीति का दौरा करके आए हैं। वहां पर जो राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है, जिस तरह से विधायक का निष्कासन हुआ है और जो दाग जनजातीय क्षेत्र पर लगा है उसे लोग धोना चाहते हैं।उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्र के लोग अपनी ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं। लाहुल स्पीति के विधायक का निष्कासन हुआ। लोगों में बहुत ज्यादा रोष है। लोगों ने 5 सालों के लिए चुनकर भेजा था। उनके कारण लाहुल स्पीति में विकास पर ग्रहण लगा है। इस कलंग को जनजातीय क्षेत्र के लोग धोना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वहां पर लोग राजनीतिक पार्टी व कैडर से टिकट देने की पैरवी कर रहे हैं। घिसे पीटे व दल बदलने को तैयार बैठे लोगों को वह पसंद नहीं कर रहे हैं।
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