Faridabad, 6 January-:फरीदाबाद के बीके सिविल अस्पताल परिसर में खड़ी निजी एंबुलेंसों की अचानक ट्रैफिक पुलिस द्वारा जांच किए जाने से एंबुलेंस चालकों में हड़कंप मच गया। ट्रैफिक पुलिस की टीम ने अस्पताल के बाहर बने एंबुलेंस स्टैंड पर पहुंचकर सभी निजी एंबुलेंसों के कागजात और जरूरी दस्तावेजों की गहन जांच की।
मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस के एएसआई इंद्रजीत ने बताया कि यह एक नियमित चेकिंग अभियान है, जिसके तहत निजी एंबुलेंसों के रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान लगभग सभी एंबुलेंसों के कागजात पूरे पाए गए, जबकि एक एंबुलेंस के दस्तावेजों में कमी मिलने पर उसका चालान किया गया।हालांकि, हाल ही में सामने आए फरीदाबाद के चर्चित गैंगरेप मामले में कथित रूप से एंबुलेंस के इस्तेमाल की बात सामने आने के बाद इस चेकिंग को उसी से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने इससे इनकार किया है। एएसआई इंद्रजीत ने स्पष्ट किया कि इस जांच अभियान का उस मामले से कोई संबंध नहीं है और ऐसे अभियान समय-समय पर चलाए जाते हैं।
वहीं, निजी एंबुलेंस चालकों का कहना है कि उनके संगठन से जुड़े अधिकांश चालकों के सभी दस्तावेज पूरे हैं। निजी एंबुलेंस एसोसिएशन के प्रधान प्रेमचंद ने बताया कि केवल एक एंबुलेंस का इंश्योरेंस न होने के कारण चालान किया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस चेकिंग से कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि अवैध रूप से बिना अनुमति एंबुलेंस बनाकर चलाए जा रहे वाहनों पर सख्त कार्रवाई हो। इसके लिए वे ट्रैफिक पुलिस को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं।
