Mandi,11 November-:प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सोमवार को मंडी में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार ने वित्तीय वर्ष के मध्य में आबकारी (एक्साइज) नीति में बदलाव कर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को जन्म दिया है। उन्होंने दावा किया कि इस बदलाव के कारण विभाग को प्रति पेटी करीब ₹1250 का नुकसान हो रहा है, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यह पूरा मामला “केजरीवाल मॉडल” की तरह भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे दिल्ली में आबकारी नीति घोटाले में अधिकारियों और मंत्रियों को जेल जाना पड़ा,उसी तरह हिमाचल में भी इस घोटाले की जांच के बाद कई मंत्री और अधिकारी जेल की हवा खाएंगे।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शिता की बात करती है,लेकिन अंदरखाने में भ्रष्टाचार की गंध साफ महसूस की जा सकती है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही इस पूरे मामले का भंडाफोड़ होगा और जनता के सामने यह साफ हो जाएगा कि आबकारी नीति में बदलाव किन कारणों से और किसके हित में किया गया। उन्होंने कहा कि नीति में परिवर्तन का कोई ठोस औचित्य नहीं था, बल्कि यह कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया निर्णय है।सुक्खू सरकार के आपदा राहत पैकेज पर भी जयराम ठाकुर ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री सुक्खू ने बड़े-बड़े मंचों से ₹4500 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की थी, लेकिन धरातल पर यह पूरी तरह असफल साबित हुआ। जयराम ने कहा कि विधानसभा में जब इस राहत पैकेज का आंकड़ा मांगा गया तो पता चला कि ₹4500 करोड़ में से ₹300 करोड़ रुपये भी प्रभावितों तक नहीं पहुंचे हैं।उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “सुक्खू सरकार से अधिक राहत तो सामाजिक संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठन आपदा पीड़ितों तक पहुंचा चुके हैं।” जयराम ठाकुर ने कहा कि यह शर्म की बात है कि सरकार केवल घोषणाएं कर रही है,जबकि वास्तविक सहायता का वितरण बेहद सीमित है।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा आपदा प्रभावितों को कमरे का किराया देने के दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि केवल चुनिंदा प्रभावितों को ही किराया दिया जा रहा है,जबकि अधिकांश पीड़ित अब भी सरकार की सहायता का इंतजार कर रहे हैं।जयराम ठाकुर ने कहा कि इस पूरे मुद्दे को वे आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विस्तार से उठाएंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे।इसके साथ ही उन्होंने बीते दिनों पड्डल मैदान में आयोजित प्रदेश सरकार के राहत वितरण कार्यक्रम को पूरी तरह “राजनीतिक शो” करार दिया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद आपदा प्रभावितों की सहायता नहीं, बल्कि राजनीतिक विरोधियों पर हमला करना था।जयराम ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्री इस कार्यक्रम में विकास या राहत कार्यों पर नहीं,बल्कि विपक्ष पर भड़ास निकालने में व्यस्त रहे।उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब सब समझ चुकी है और आने वाले समय में सच्चाई सामने आएगी। सुक्खू सरकार का यह “भ्रष्टाचार मॉडल” ज्यादा दिन नहीं टिकेगा,क्योंकि जनता सबका हिसाब रखती है।
