शिमला :हिमाचल प्रदेश के बागवानों के लिए राहत भरी खबर है। मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत मिलने वाला भुगतान अब एचपीएमसी द्वारा सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। यानी अब किसानों को उनकी उपज के बदले सामान नहीं, बल्कि पूरी राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे मिलेगी। इस मुद्दे को लेकर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने राज्य सचिवालय में अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से भी इस विषय पर चर्चा हो चुकी है और जैसे ही धनराशि उपलब्ध होगी, सबसे पहले छोटे और सीमांत किसानों को भुगतान किया जाएगा।
सचिवालय में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस फैसले को किसानों के हित में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा।इस दौरान उन्होंने विपक्षी दल भाजपा पर भी निशाना साधा। नेगी ने कहा कि हाल ही में विधानसभा का लंबा बजट सत्र चला, जिसमें भाजपा विधायकों को सरकार को घेरने का पर्याप्त अवसर मिला था। लेकिन विपक्ष कोई ठोस मुद्दा प्रभावी ढंग से नहीं उठा पाया।उन्होंने आरोप लगाया कि अब भाजपा हताशा में प्रदेशभर में प्रदर्शन करने की बात कर रही है, ताकि अपनी राजनीतिक असफलताओं को छुपाया जा सके।एंट्री टैक्स के मुद्दे पर भी मंत्री ने स्पष्ट किया कि भाजपा ने इसे लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाया। उनके अनुसार छोटे वाहनों पर कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है और अन्य वाहनों पर भी टैक्स में सीमित वृद्धि ही की गई है। उन्होंने कहा कि जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।
