Karnal,9 December-:हरियाणा में अब मधुमक्खी पालन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए इज़रायल की उन्नत तकनीक का सहारा लिया जाएगा। बागवानी प्रशिक्षण संस्थान, उचानी (करनाल) में इंडो–इज़रायल परियोजना के तहत तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार की शुरुआत हुई,जिसका उद्देश्य है—मधुमक्खी पालन को आधुनिक स्वरूप देकर किसानों की आय में वृद्धि करना।
इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों—गुजरात, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र,आंध्र प्रदेश, हिमाचल, राजस्थान, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, मिजोरम आदि से 30 से अधिक वरिष्ठ बागवानी अधिकारी शामिल हुए। इज़रायल से आए कृषि विशेषज्ञ मि. रूबीस्टेन, मि. मोरेनसिती और दनियल हदाद ने भी इसमें भाग लिया।उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. बिल्लू यादव ने बताया कि सरकार मधुमक्खी पालन को वैज्ञानिक और व्यावसायिक रूप देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा, “इस सेमिनार का उद्देश्य भारत और इज़रायल के बीच तकनीकी अंतर को समाप्त कर, उनकी उन्नत तकनीक को भारतीय परिस्थितियों में लागू करना है।”उन्होंने बताया कि हरियाणा में इंडो–इज़रायल के तहत सब्जी, फल, फूल और मधुमक्खी पालन सहित छह प्रमुख प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक चल रहे हैं।इज़रायली विशेषज्ञ मि. रूबीस्टेन ने कहा, “भारत और इज़रायल दोनों देश मधुमक्खी पालन की बीमारियों और पर्यावरणीय चुनौतियों से समान रूप से जूझ रहे हैं। ज्ञान और तकनीक का आदान-प्रदान ही इन चुनौतियों से निपटने का सर्वोत्तम तरीका है।”वहीं मि. मोरेनसिती ने भारतीय कृषि वैज्ञानिकों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यह सहयोग दोनों देशों के बीच भविष्य की साझेदारी को और मजबूत बनाएगा।
