Shimla,Sanju-संजौली क्षेत्र में मस्जिद निर्माण को लेकर उठे विवाद में सोमवार को जिला अदालत में अहम सुनवाई हुई।हिमाचल प्रदेश वक्फ बोर्ड ने नगर निगम आयुक्त के उस आदेश को अदालत में चुनौती दी है,जिसमें मस्जिद को अवैध बताते हुए ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए थे। यह मामला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश यजुवेंद्र सिंह की अदालत में पेश हुआ,जहां अदालत ने शिमला नगर निगम और देवभूमि संघर्ष समिति को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई की तिथि 23 मई निर्धारित की है।
देवभूमि संघर्ष समिति ने दाखिल की थी कैविएट
देवभूमि संघर्ष समिति के अधिवक्ता जगत पाल ने जानकारी दी कि नगर निगम आयुक्त की अदालत ने 3 मई को संजौली मस्जिद को अवैध घोषित कर आठ सप्ताह के भीतर ढहाने के आदेश दिए थे। इस आदेश के विरुद्ध संभावित अपील को ध्यान में रखते हुए समिति ने 15 मई को कैविएट दायर की थी ताकि किसी भी स्थगन आदेश से पहले समिति का पक्ष भी सुना जाए। अदालत अब इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें 23 मई को सुनेगी।
जगत पाल,अधिवक्ता,देवभूमि संघर्ष समिति–“हमने अदालत में पहले ही कैविएट दाखिल की थी ताकि हमारी बात भी सुनी जाए। हम न्याय की प्रक्रिया में विश्वास रखते हैं।”
