मंडी , 7 अप्रैैैैैैल – राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने सभी जनप्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और समाज के प्रत्येक नागरिक से “निक्षय मित्र” बनकर टी.बी. रोगी को गोद लेकर और उसके उपचार, पोषण तथा मनोसामाजिक सहयोग में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।
आज विश्व स्वास्थ्य दिवस पर मंडी जिला के सुंदरनगर उपमंडल के तहत आने वाले डैहर गांव स्थित दिव्य मानव ज्योति सेवा ट्रस्ट में आयोजित आयुष्मान आरोग्य शिविर का शुभारंभ करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि एक सशक्त जन आंदोलन से ही प्रदेश को टी.बी. मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। राज्यपाल ने खुशी जताते हुए कहा कि सरदार पटेल यूनिवर्सिटी मंडी ने कोटली मेडिकल ब्लॉक के 75 टीबी रोगियों को गोद लिया है। यूनिवर्सिटी ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत एक निक्षय मित्र के रूप में खुद को पंजीकृत किया है। ऐसा ही कार्य समाज का हर व्यक्ति कर सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “स्वस्थ भारत” के संकल्प के अनुरूप प्रदेश के सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समान स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता से कार्य किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में टीबी के मामलों में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। वर्ष 2022 में 15 हजार 760 मामलों से घटकर 2025 में 14 हजार 653 मामले हो गए हैं। प्रदेश में चिन्हित लगभग 14.9 लाख उच्च जोखिम आबादी की पहचान कर 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग की गई। इनमें से लगभग 7 लाख लोगों की स्क्रीनिंग एक्स-रे के माध्यम से की गई, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। राज्यपाल ने इस मौके पर टी.बी. मुक्त भारत अभियान चरण 2 के लोगो को भी जारी किया। राज्यपाल ने क्षयरोगियों को निक्षय पोषण किट वितरित की और टी.बी. चैंपियन को सम्मानित करके उपस्थित लोगों को टी.बी. मुक्त भारत की शपथ दिलाई।