Faridabad, 24 December-:केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने मंगलवार को फरीदाबाद के लघु सचिवालय में डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (डीडीसीएमसी—दिशा) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
गुर्जर का सख्त संदेश— अरावली में नहीं होगा कोई अवैध निर्माण
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को तय समय सीमा में तेज गति से पूरा किया जाए। जिन योजनाओं में अड़चनें आ रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द दूर किया जाए। बैठक के दौरान उन्होंने करोड़ों रुपये की लागत से लगाए गए पौधों की स्थिति की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह जांच की जाए कि पौधे कहां लगाए गए हैं और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है।कृष्ण पाल गुर्जर ने आबादी के अनुपात में समान जल वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी सभी की मूलभूत जरूरत है और इसका वितरण निष्पक्ष रूप से होना चाहिए।अरावली पर्वत श्रृंखला को लेकर केंद्रीय मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अरावली को अरावली ही रहने दिया जाएगा और वहां किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि विकास कार्यों की समीक्षा के लिए हर तीन महीने में दिशा की बैठक आयोजित की जाती है। इन बैठकों में केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ आ रही समस्याओं पर चर्चा कर समाधान निकाला जाता है।उन्होंने बताया कि पेड़ लगाने की योजनाओं में खर्च हुए करोड़ों रुपये की जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पौधारोपण वास्तव में हुआ भी है या नहीं। इसके लिए समिति गठित की गई है। वहीं, फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण के कुछ कार्य वन विभाग की एनओसी के कारण रुके हुए हैं, जिन्हें जल्द पूरा कराने के लिए जिला वन अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।
हाल ही में कांग्रेस के पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कृष्ण पाल गुर्जर ने कटाक्ष किया और कहा कि जब किसी का दिमाग खराब हो जाए तो उसका समाधान ढूंढना मुश्किल हो जाता है। अरावली पर्वत श्रृंखला को लेकर दोहराते हुए उन्होंने कहा कि वहां किसी भी तरह का अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।पलवल में बदले गए चेयरमैनों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक फैसला है और इसमें हार या जीत जैसी कोई बात नहीं है।
