शिमला, 2 मार्च-: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट कर वित्त वर्ष 2026-27 के संभावित राजस्व घाटे की भरपाई के लिए स्पेशल सेंट्रल असिस्टेंस के तहत विशेष वित्तीय पैकेज प्रदान करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री को अवगत कराया कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने से राज्य की वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे और पहाड़ी राज्य की परिस्थितियों की तुलना उन बड़े राज्यों से नहीं की जा सकती, जिनका आरडीजी बंद किया गया है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बड़े राज्य राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से उत्पन्न परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम हो सकते हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था अभी इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है।सभी राज्यों को एक ही पैमाने पर आंकना व्यावहारिक दृष्टि से उचित नहीं है।केंद्रीय वित्त मंत्री ने राज्य सरकार की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
