Delhi,23 April-भारत निर्वाचन आयोग(ECI)ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों पर कांग्रेस पार्टी को सख्त और तथ्यात्मक जवाब दिया है।आयोग ने कहा कि लगाए गए सभी आरोप भ्रामक,निराधार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा के खिलाफ हैं।
आयोग के अनुसार,6.40 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने 7 बजे सुबह से शाम 6 बजे तक शांतिपूर्ण मतदान किया। मतदान की गति औसत रही और अंतिम दो घंटों में मतदान प्रतिशत में कोई असामान्य बढ़ोत्तरी नहीं हुई।हर मतदान केंद्र पर राजनीतिक दलों के अधिकृत एजेंट मौजूद थे,और मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी दल – यहां तक कि कांग्रेस –ने कोई औपचारिक शिकायत नहीं दी।
मतदाता सूची को लेकर क्या कहा आयोग ने?
निर्वाचन आयोग ने बताया कि मतदाता सूचियां जन प्रतिनिधित्व अधिनियम,1950 और निर्वाचन नियम,1960 के अनुसार तैयार की गईं और कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों को समय से साझा की गईं। चुनाव से पूर्व केवल 89 अपीलें जिला स्तर पर और एक अपील राज्य स्तर पर दर्ज की गई – जो बताती है कि नामावली में किसी व्यापक गड़बड़ी का कोई आधार नहीं था।
पारदर्शिता के पुख़्ता सबूत
चुनाव प्रक्रिया में 97,000 बूथ स्तर अधिकारी और 1.03 लाख से अधिक बूथ एजेंट शामिल रहे, जिनमें 27,099 एजेंट कांग्रेस द्वारा नियुक्त किए गए थे। इससे साबित होता है कि सभी दलों को बराबरी से भागीदारी का अवसर मिला।
आयोग की दो टूक
निर्वाचन आयोग ने यह स्पष्ट किया कि 24 दिसंबर, 2024 को कांग्रेस को विस्तृत उत्तर भेजा गया था,जिसे सार्वजनिक भी किया गया।इसके बावजूद बार-बार आरोप दोहराना न केवल गलत है,बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर भी आघात है।
“जनता का मत अंतिम और सर्वोपरि”
आयोग ने कहा,चुनावों में हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन चुनावी प्रक्रिया को दोष देना लोकतंत्र को कमजोर करने की साज़िश के समान है।
