शिमला,संजू-:मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि लंबे समय से अटकी किशाऊ बांध परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण सहमति बनी है और इसमें हिमाचल प्रदेश के हितों को प्राथमिकता दी गई है। नरेश चौहान ने कहा कि इस परियोजना में शामिल सभी राज्यों की रुचि रही है और हाल ही में हुई बैठक के मिनट्स भी तैयार हो चुके हैं।उन्होंने बताया कि टौंस नदी पर बनने वाले इस बांध से अलग-अलग राज्यों को अलग-अलग लाभ मिलेंगे। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान को पीने के पानी और सिंचाई के लिए पानी मिलेगा,जबकि परियोजना से बिजली उत्पादन भी होगा।
नरेश चौहान ने कहा कि पिछली सरकार के समय इस परियोजना को 90:10 के अनुपात में आगे बढ़ाने का प्रस्ताव था, जिसके तहत हिमाचल प्रदेश को लगभग 800 करोड़ रुपये का योगदान देना पड़ता और 2 रुपये 25 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली भी खरीदनी पड़ती। लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई। चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा कि हिमाचल न तो परियोजना के लिए पैसा देगा और न ही बिजली खरीदेगा,बल्कि प्रदेश को मुफ्त बिजली मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पर सहमति बनी है, जिसके बाद हिमाचल प्रदेश को लगभग 600 करोड़ रुपये मूल्य की मुफ्त बिजली मिलने का रास्ता साफ हुआ है।नरेश चौहान ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पहले दिन से ही हिमाचल के हितों की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कड़छम-वांगतू परियोजना के मामले में भी संघर्ष कर 18 प्रतिशत रॉयल्टी सुनिश्चित करवाई, जिससे प्रदेश को सालाना 252 करोड़ रुपये की आय होगी। वहीं, छराबड़ा स्थित वाइल्ड फ्लॉवर हॉल होटल मामले में भी सरकार ने कानूनी लड़ाई लड़ी,जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश को करीब ढाई करोड़ रुपये मासिक आय के साथ 300 करोड़ रुपये की एकमुश्त राशि प्राप्त हुई है।
