Delhi,25 July-पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा और आपदा प्रबंधन में सरकार की कथित विफलता को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार किया है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल ‘विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं’ के खोखले दावे करती है, जबकि जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है।
ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था ‘क्रिटिकल लेवल’ पर पहुंच चुकी है और विपक्ष बार-बार इस ओर सरकार का ध्यान खींचता रहा है,लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार “सुख, व्यवस्था परिवर्तन और विश्व स्तरीय सुविधा” जैसे कथित जुमलों के सहारे समय काट रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न तो समस्याओं को स्वीकारती है,न ही उनके समाधान के प्रति गंभीर है। “अब समय है कि सरकार झूठे दावों से बाहर निकलकर जमीनी समस्याओं का समाधान करे,” उन्होंने कहा।
आपदा राहत के लिए केंद्र से मदद की अपील
जयराम ठाकुर ने बताया कि उन्होंने हिमाचल प्रदेश के सभी भाजपा सांसदों, प्रदेश अध्यक्ष, और आपदा प्रभावित क्षेत्रों के विधायकों के साथ केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में आई आपदा से हुए नुकसान का ब्योरा सौंपते हुए भरपूर वित्तीय सहायता की मांग की।
उन्होंने कहा कि मंडी जिले के सराज, नाचन, करसोग और धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र सहित चंबा के कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। आपदा में 50 से अधिक लोगों की मौत और 1200 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। लगभग 700 घर पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं और 1000 से अधिक आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हैं। पशुधन, कृषि भूमि और फसलें भी बड़े पैमाने पर तबाह हुई हैं।ठाकुर ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और जल संसाधन मंत्री सी.आर. पाटील से भी मिलकर हिमाचल को हरसंभव सहयोग देने का आग्रह किया है।
