चंडीगढ़, 3 फरवरी-: केवल बातों से काम नहीं चलता बल्कि लोगों के बीच जाना पड़ता है। नेताओं से लोगों की अपेक्षा रहती है। यदि वह लोगों से किए वायदे पूरे न करें तो जनता उन्हें सत्ता से बाहर कर देती है। चुनाव में हार जीत ग्राउंड में किए गए कार्यों पर निर्भर करती है। यह विचार पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने समावेशी नीति एवं सुशासन संस्थान (आईआईपीजी), चंडीगढ़ द्वारा रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के सहयोग से आयोजित छह दिवसीय आवासीय नेतृत्व विकास कार्यक्रम “नेतृत्व साधना में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
लोक भवन में आयोजित संवाद कार्यक्रम में प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने प्रतिभागियों को नेतृत्व क्षमता का विकास करने को कहा। नेतृत्व साधना के 17वां संस्करण” का आयोजन 29 जनवरी से 3 फरवरी 2026 तक राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर), चंडीगढ़ में सफलतापूर्वक किया गया।इस कार्यक्रम में देश के 9 राज्यों से 38 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, गुजरात, उत्तराखंड और पंजाब शामिल रहे। छह दिनों के दौरान 18 गहन एवं प्रभावशाली सत्रों का आयोजन किया गया, जिनका मुख्य उद्देश्य नेतृत्व, सुशासन, सार्वजनिक नीति, राष्ट्र निर्माण और समकालीन राष्ट्रीय विमर्श रहा।कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. विनय सहस्रबुद्धे , उपाध्यक्ष, रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी द्वारा किया गया। उन्होंने मूल्य आधारित नेतृत्व तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विशेष बल दिया। पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने संसदीय प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया।
डॉ. प्रशांत शाही ने विचार निर्माण और नेतृत्व कौशल पर सत्र लिए, जबकि उमेंद्र दत्त ने कृषि, समाज और राष्ट्रीय विकास के पारस्परिक संबंधों पर अपने विचार साझा किए.प्रतिभागियों ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रोपड़ का शैक्षणिक भ्रमण भी किया, जहां उन्होंने तकनीकी नवाचार और अनुसंधान कार्यों का अवलोकन किया।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को वैश्विक एवं राष्ट्रीय विमर्श, समकालीन राजनीतिक चिंतन, एक राष्ट्र–एक चुनाव, राष्ट्र निर्माण में स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका, सार्वजनिक भाषण कला, सूचना का अधिकार, तनाव प्रबंधन, नेतृत्व विकास तथा व्यक्तिगत प्रभावशीलता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में संजय टंडन ने “एक राष्ट्र–एक चुनाव” विषय पर अपने विचार रखे तथा डॉ. हंस लाल जी ने भारत की निर्वाचन प्रणाली पर विस्तृत जानकारी दी।समापन सत्र में एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ के निदेशक भोला राम गुर्जर एवं सेवा ही संकल्प संस्था के अध्यक्ष मनोज चंदेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने युवाओं को संघर्षों से सीख लेकर लक्ष्य प्राप्ति तथा राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के निदेशक डॉ. मनीष जांगिड़ ने कहा कि नेतृत्व साधना का यह संस्करण युवाओं को भारतीय दृष्टिकोण से वैश्विक और राष्ट्रीय विमर्श को समझने तथा उसे सकारात्मक रूप में अपनाने में सफल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में नेतृत्व साधना कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा राष्ट्र निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
