Kaithal, 12 January-कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कैथल में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाया गया विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानून मनरेगा की दिनदहाड़े हत्या है। यह कानून करोड़ों गरीब मजदूरों के रोजगार के अधिकार पर सीधा हमला है।
रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि नए कानून के जरिए मोदी सरकार मनरेगा को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों का काम मांगने का अधिकार खत्म किया जा रहा है और अब केंद्र सरकार तय करेगी कि किस राज्य, जिले या गांव में कितना काम मिलेगा। इससे गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित वर्ग के मजदूर सबसे अधिक प्रभावित होंगे।सुरजेवाला ने कहा कि मनरेगा में जहां केंद्र सरकार पूरी मजदूरी की जिम्मेदारी उठाती थी, वहीं नए कानून में केंद्र केवल 60 प्रतिशत राशि देगा और 40 प्रतिशत बोझ राज्यों पर डाला जाएगा। पहले मनरेगा में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, लेकिन अब इसे खत्म कर सिर्फ एक योजना बनाकर छोड़ दिया गया है।उन्होंने आरोप लगाया कि नए कानून में बुआई और कटाई के समय मजदूरों को 60 दिनों तक काम से वंचित रखा जाएगा, जिससे किसान और मजदूरों के बीच टकराव बढ़ेगा। साथ ही ग्राम पंचायतों से अधिकार छीनकर सभी फैसले केंद्र के हाथ में सौंप दिए गए हैं। डिजिटल उपस्थिति और बायोमेट्रिक प्रणाली के नाम पर ग्रामीण मजदूरों को रोजगार से दूर किया जाएगा।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि महात्मा गांधी श्रम को पूजा मानते थे, इसलिए भाजपा सरकार ने सबसे पहले मनरेगा से गांधी का नाम हटाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने गांधी और राम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल किया, लेकिन उनके आदर्शों को पूरी तरह नजरअंदाज किया।
