Mandi,18 July-हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की सेवाएं आगामी 1 अगस्त से प्रभावित हो सकती हैं क्योंकि निगम के कर्मचारियों ने ‘वर्क टू रूल’ (Work to Rule) आंदोलन शुरू करने का ऐलान कर दिया है।मंडी जिले के सरकाघाट में आयोजित गेट मीटिंग के दौरान कर्मचारियों ने यह घोषणा की।
क्या है वर्क टू रूल?
वर्क टू रूल का अर्थ है कि कर्मचारी नियमों के अनुसार केवल निर्धारित 8 घंटे ही काम करेंगे और कोई अतिरिक्त कार्य या ओवरटाइम नहीं देंगे।
कर्मचारियों की प्रमुख शिकायतें:
वेतन में देरी: कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा।
अन्य वित्तीय लाभों की अनदेखी: भत्तों और ओवरटाइम का भुगतान नहीं हो रहा।
कर्मचारी अभाव: नई भर्तियां नहीं की जा रही हैं,जिससे मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।खतरनाक परिस्थितियों में ड्यूटी: कर्मचारी रेड और ऑरेंज अलर्ट के दौरान भी ड्यूटी देते हैं,फिर भी उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।
एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष जीवन राणा ने कहा कि कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं की ओर सरकार और प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 30 जुलाई तक कोई समाधान नहीं निकला, तो 1 अगस्त से कर्मचारी केवल 8 घंटे की सेवा देंगे।
जनता को हो सकती है परेशानी
इस आंदोलन के चलते प्रदेश में परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं,खासकर उन ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में जहां एचआरटीसी की बसें ही मुख्य आवागमन का साधन हैं। कर्मचारी नेताओं ने इसके लिए सरकार और प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है।
